इराक में फ्रांस के बड़े हमले से आईएस पीछे हटा,सावधान रहना होगा
फ्रांस ने इराक के दूसरे सबसे बड़े शहर मोसुल में आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) के दूरसंचार व प्रचार केंद्रों पर हमलों को अंजाम दिया। फ्रांस के रक्षामंत्री जीन-वेस ली द्रीयन ने गुरुवार को यह जानकारी दी। (21:38) समाचार चैनल बीएफएमटीवी के अनुसार, ली द्रीयन ने कहा, "हमने बीती रात मोसुल में आईएस के दूरसंचार केंद्र व एक प्रचार केंद्र पर हमले किए। हम आज कह सकते हैं कि आईएस इराक में पीछे हट रहा है, लेकिन हमें सावधान रहना होगा।"
फ्रांस के एक मंत्री के मुताबिक, पेरिस में 13 नवंबर को हुए भीषण हमलों के बाद फ्रांस ने सीरिया व इराक में हमले तेज कर दिए हैं। इसने सोमवार तक मोसुल में आईएस के सात ठिकाने तबाह कर दिए।
ली द्रीयन ने कहा, "आईएस से मुकाबला कर रहे अमेरिकी गठबंधन सेना के सातों (फ्रांस, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, ब्रिटेन, इटली व नीदरलैंड) सदस्य देशों के रक्षामंत्री अगले बुधवार को पेरिस में इकट्ठा होंगे और यह देखेंगे कि सीरिया व इराक में अपने प्रयासों को कैसे बढ़ावा दे सकते हैं।"
इराकी अधिकारियों के आग्रह पर आईएस के खिलाफ चम्मल अभियान में सितंबर 2014 में गठबंधन सेना में शामिल होनेवाला फ्रांस पहला देश था।
फ्रांस के एक मंत्री के मुताबिक, पेरिस में 13 नवंबर को हुए भीषण हमलों के बाद फ्रांस ने सीरिया व इराक में हमले तेज कर दिए हैं। इसने सोमवार तक मोसुल में आईएस के सात ठिकाने तबाह कर दिए।
ली द्रीयन ने कहा, "आईएस से मुकाबला कर रहे अमेरिकी गठबंधन सेना के सातों (फ्रांस, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, ब्रिटेन, इटली व नीदरलैंड) सदस्य देशों के रक्षामंत्री अगले बुधवार को पेरिस में इकट्ठा होंगे और यह देखेंगे कि सीरिया व इराक में अपने प्रयासों को कैसे बढ़ावा दे सकते हैं।"
इराकी अधिकारियों के आग्रह पर आईएस के खिलाफ चम्मल अभियान में सितंबर 2014 में गठबंधन सेना में शामिल होनेवाला फ्रांस पहला देश था।

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