Sunday, January 17, 2016

फतेहपुर दंगे पर बोले आजम : दंगा असहिष्णुता का प्रमाण

फतेहपुर दंगे पर बोले आजम : दंगा असहिष्णुता का प्रमाण


  नगर विकास मंत्री मोहम्मद आजम खां ने आज दो टूक लफ्जों में फतेहपुर दंगे को 'असहिष्णुता का प्रमाणÓ करार दिया है।मीडिया से रूबरू खां ने फतेहपुर दंगे पर बड़ी बेबाकी से पक्ष रखते हुए कहा कि दरअसल, हम हमेशा कहते आ रहे हैं कि हमें अपने भीतर सहनशीलता को पैदा करना है, उसे बढ़ाना है। फतेहपुर में दंगा सहनशीलता की कमी का नतीजा है। हालांकि मजहब और धर्म की ताकत का सड़कों पर प्रदर्शन गलत बात है। ऐसे लोग एक दिन विचार करने पर विवश होंगे कि मजहब की नुमाइश सड़कों पर नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा, 'वैसे भी कोई मजहब किसी को परेशान करने में, किसी को जलाने में, किसी को दुख पहुंचाने की इजाजत नहीं देता। फतेहपुर में जो कुछ हुआ है बहुत निंदनीय और अफसोसनाक है। इसे रूकना चाहिए। सरकार सख्त है।Ó खां ने कहा कि अल्पसंख्यक को जब भी पूरा या अधूरा इंसाफ मिला है तो वह किसी जिम्मेदार मुसलमान ने ही दिया है। हमारी मोहम्मद अली जौहर यूनीवर्सिटी के मामले में भी हमारे बिल पर दो गवर्नरों ने बहुत एडवर्स कमेंट किए। लेकिन जब अजीज कुरैशी को उत्तराखंड का राज्यपाल रहते हुए अतिरिक्त प्रभार मिला तब उन्होंने ही इसके बिल पर दस्तख्त किए। उन्होंने बेबाक कहा कि अगर कांग्रेस पार्टी की चलती होती तो राज्यपालों की 'जौहर यूनीवर्सिटी को आतंकवादियों का अड्डेÓ वाली बात को साबित करने के लिए यूनिवर्सिटी के साथ भी वही किया जाता जो 6 दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद के साथ किया गया था।
खां ने कहा, 'बाबरी विध्वंस के दौरान ही तत्कालीन प्रधानमंत्री नरसिंहराव ने मंदिर बनवा दिया था। ऐसे में अब वहां राम मंदिर निर्माण की बात करके कुछ लोग हिंदू लोगों के ही जज्बातों को भड़काने की साजिश रच रहे हैं।Ó
सूबे के नगर विकास मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से मिलकर नरसिंहराव ने तीन दिन तक चबूतरा और फिर बाकायदा वहां राममंदिर बनवाया। वह उनका एक समझौता था। संघ ने इसके लिए शुक्रिया अदा किया और राव को इतिहास पुरुष तक कहा। इसीलिए हम कहते हैं कि अयोध्या में राम मंदिर तो है। बेकार हिंदू भाईयों के जज्बात को भड़काने के लिए ऐसी बात कही जाती है।

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