नई दिल्ली/मुंबई. एशिया-पेसिफिक में करोड़पतियों के बड़े ठिकाने वाले टॉप-20 शहरों में मुंबई और दिल्ली भी शामिल हैं। देश की इकोनॉमिक कैपिटल मुंबई में 41,200 और दिल्ली में 20,600 करोड़पति हैं। टोक्यो के न्यू वर्ल्ड वेल्थ ऑर्गनाइजेशन ने ‘एशिया पैसिफिक 2016 वेल्थ रिपोर्ट’ में यह खुलासा किया है।
कौन-सा शहर है टॉप पर, किस पोजिशन पर है मुंबई और दिल्ली...
- लिस्ट में टोक्यो 2.64 लाख करोड़पतियों के साथ टॉप पर है।
- मुंबई 12th और दिल्ली 20th स्थान पर है।
- 2000 से 2015 के दौरान मुंबई में 357%, दिल्ली में 335% करोड़पति बढ़े।
- यहां करोड़पति से मतलब उन लोगों से है जिनके पास कम से कम एक मिलियन डॉलर या 6.7 करोड़ रु. की दौलत है।
- करोड़पतियों की संख्या में ग्रोथ के लिहाज से मुंबई-दिल्ली शीर्ष पांच शहरों में शुमार हैं।
- इस मामले में जकार्ता, हांगझू और तियानजिन शीर्ष तीन शहर हैं।
- ग्रोथ के हिसाब से अगले 10 साल में मुंबई-दिल्ली टॉप 3 में रहेंगे।
बड़े अमीर हांगकांग में
- एक करोड़ डॉलर या 67 करोड़ रु. से ज्यादा नेटवर्थ वालों की संख्या सबसे ज्यादा हांगकांग में है। यहां 9,650 लोगों के पास इतनी दौलत है।
- मुंबई इस मामले में 2,690 लोगों के साथ 8th और 1,340 लोगों के साथ दिल्ली 14th रैंक पर है।
- कोलकाता में 560, हैदराबाद में 510, बंगलुरु में 430, चेन्नई में 390, पुणे में 240 और अहमदाबाद में 230 बड़े अमीर हैं।
- पूरी दुनिया में हाई नेटवर्थ वाले सबसे ज्यादा लोग लंदन में रहते हैं। इसके बाद टोक्यो, सिंगापुर और न्यूयॉर्क का नंबर है।
5 करोड़ डॉलर से ज्यादा दौलत वाले कितने?
- 335 करोड़ रु. (5करोड़ डॉलर) या इससे ज्यादा की वैल्थ वाले दुनिया में 1,23,838 लोग हैं। इनमें 58,855 या करीब 51% अकेले अमेरिका में हैं।
- चीन में 9,555, इंग्लैंड में 5,377, जापान में 2,468 और फ्रांस में 3,743 सुपर रिच हैं। भारत में ऐसे अमीरों की तादाद 2,082 है।
देश में अब 2 लाख 36 हजार करोड़पति, इनकम के मामले में पाकिस्तानी सबसे गरीब
अमीर-गरीबों के बीच दुनिया में कितना फर्क बढ़ चुका है, ये दुनिया की 3 बड़ी एजेंसियों की रिपोर्ट से पता चल रहा है। ऑक्सफैम, वर्ल्ड वेल्थ की रिपोर्ट और क्रेडिट सुइस के एनालिसिस के बाद देश और दुनिया के बारे में कई चौंकाने वाले फैक्ट्स सामने आए।
- वर्ल्ड वेल्थ की मंगलवार की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में सुपर रिच लोगों की संख्या 2 लाख 36 हजार हो गई है।
- पिछले साल ये आंकड़ा 1 लाख 98 हजार था। यानी एक साल में हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल्स (एचएनआई) की आबादी 19.9 पर्सेंट बढ़ गई। (पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
62 लोगों के पास दुनिया की आधी आबादी से ज्यादा दौलत
दुनिया में अमीरों और गरीबों को लेकर एक रिपोर्ट सामने आई है। इसके मुताबिक, दुनिया भर के आधे रिसोर्सेस और दौलत पर सिर्फ 62 लोगों का कब्जा है। 'एन इकोनॉमी फॉर द 1%' नाम से इस रिपोर्ट को ऑक्सफेम इंटरनेशनल ने जारी किया है।
- दुनिया की बड़ी आबादी रिसोर्सेस की कमी से जूझ रही है। दूसरी तरफ, सिर्फ 62 लोगों के पास इसकी भरमार है।
- दुनिया के 1 पर्सेंट अमीर लोगों के पास 99 पर्सेंट लोगों से ज्यादा दौलत है।
- 2010 से गरीब आबादी की दौलत में 41 पर्सेंट यानी 10 खरब डॉलर (करीब 67 हजार करोड़ रुपए) की गिरावट आई।
- जबकि अमीरों की दौलत में 17.60 खरब डॉलर (11 लाख करोड़ रुपए) की बढ़ोत्तरी हुई।
- यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है, जब मंगलवार से स्विट्जरलैंड के दावोस में 'वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम' की मीटिंग की शुरुआत हो चुकी है।
- इस फोरम में वर्ल्ड की 40 बड़ी इकोनॉमी के लीडर शामिल हो रहे हैं। (पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
62 अमीरों में 4 भारत के
| नाम | कंपनी | रैंकिंग | नेटवर्थ |
| मुकेश अंबानी | रिलायंस | 39 | 1.41 लाख करोड़ रुपए |
| दिलीप संघवी | सन फार्मा | 44 | 1.34 लाख करोड़ रुपए |
| अजीम प्रेमजी | विप्रो | 48 | 1.28 लाख करोड़ रुपए |
| पल्लोनजी मिस्त्री | टाटा | 55 | 1.10 लाख करोड़ रुपए |
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