Monday, January 4, 2016

पठानकोट के शहीदों का सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार

चंडीगढ़ !   पठानकोट के वायुसैनिक अड्डे पर आतंकवादियों के हमले में शहीद होने वाले वायुसेना के जांबाजों का सोमवार को पंजाब और हरियाणा के उनके गांवों में पूरे सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।भारतीय वायुसेना के गरुड़ कमांडो गुरसेवक सिंह का सोमवार को हरियाणा के अंबाला स्थित उनके पैतृक गांव गरनाला में पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया।
इस मौके पर गरनाला निवासियों के साथ-साथ आसपास के गांवों और अंबाला से आए हजारों लोग मौजूद थे।
वायुसेना के अधिकारी शहीद गुरसेवक सिंह के तिरंगे में लिपटे शव को लेकर गांव पहुंचे।
गुरसेवक सिंह शनिवार को पठानकोट में वायुसेना अड्डे पर संदिग्ध पाकिस्तानी आतंकवादियों से मुठभेड़ में शहीद हो गए थे।
गुरसेवक की 45 दिन पहले ही शादी हुई थी।
गुरसेवक के पिता सुच्चा सिंह ने कहा, "मुझे अपने बेटे पर नाज है। उसने अपनी जान देश के लिए दे दी।"
हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज, वित्त मंत्री अभिमन्यु और खान राज्य मंत्री नायब सिंह सैनी ने शहीद को श्रद्धासुमन अर्पित किए और उनके परिवार से मुलाकात की।
पंजाब में मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने पठानकोट के आतंकी हमले में शहीद सूबेदार मेजर (मानद कैप्टन) फतेह सिंह और हवलदार कुलवंत सिंह के परिजनों से गुरदासपुर स्थित उनके गांवों क्रमश: झंडेवाल खुर्द और चक शरीफ जाकर मुलाकात की।
शहीद फतेह सिंह की बेटी ने परंपरा को तोड़ते हुए अपने पिता का शव लेकर चलने वालों की अगुआई की। उन्होंने कहा, "मुझे अपने पिता पर गर्व है। वह बहुत बहादुर इनसान थे। सभी को उनके जैसा पिता मिलना चाहिए।"
फतेह सिंह (51) ने 1995 के राष्ट्रमंडल खेलों की शूटिंग प्रतियोगिता में सोने और चांदी का तमगा जीता था।
बादल ने कहा, "हर पंजाबी को अपनी मातृभूमि के इन वीर सपूतों पर गर्व है, जिन्होंने विदेशी घुसपैठियों की कुटिल चालों को नाकाम बना दिया। "
संदिग्ध पाकिस्तानी आतंकवादी शनिवार तड़के पठानकोट के वायुसैनिक अड्डे में घुस आए थे। सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में शनिवार से अब तक पांच आतंकवादी मारे गए हैं।
आतंकियों के हमले में सात सुरक्षाकर्मी शहीद हुए हैं। इनमें एनएसजी का एक अफसर, एक गरुड़ कमांडो और डिफेंस सर्विस कार्प्स के पांच कर्मी शामिल हैं। सुरक्षा बलों की कार्रवाई की वजह से आतंकवादी वायुसेना की संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचा सके।

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