Wednesday, January 6, 2016

३ मासूम जिंदा जले, मजदूरी करने गए थे मां-बाप


जिले के जोबट तहसील के बड़ागुड़ा गांव के एक मजदूर परिवार के तीन बच्चे जिंदा जल गए। इनका परिवार मजदूरी के लिए गुजरात गया था। जब परिजन मजदूरी के लिए निकले इसी समय इनके झोपड़े में आग लग गई। तीनों मासूमों के शव वापस बड़ागुड़ा लाए गए जहां पर उनका अंतिम संस्कार किया गया।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार बड़ागुड़ा गांव का रहने वाला सुरेश पिता दिलीप सोलंकी अपनी पत्नी वालीबाई और तीन बच्चों के साथ गुजरात के जामनगर जिले में मजदूरी के लिए गया हुआ था। इस दौरान वे अस्थाई तौर पर एक घास-फूस का झोपड़ा बनाकर रह रहे थे। मंगलवार को जब वे मजदूरी पर गए तो तीनों बच्चों को एक दूसरे का ध्यान रखने के लिए छोड़ दिया गया था। जब वे ठेकेदार की साइट पर काम कर रहे थे उस वक्त उन्हें खबर मिली कि उनके झोपड़े में आग लगी है। मौके पर पहुंच कर देखा तो झोपड़ा पूरी तरह से खाक हो चुका था। भीषण आग में मासूमों के जल जाने से पूरे इलाके में मातम छा गया। इन बच्चों का अंतिम संस्कार करने के लिए सुरेश वापस अपने गांव लौटा तीनों का अंतिम संस्कार गांव में ही किया गया। इस दौरान कलेक्टर ने आर्थिक सहायता राशि के रूप में पीडि़त परिवार को 6 हजार रुपए भी दिए।
अलीराजपुर पुलिस एसपी सौरभ कुमार ने गुजरात पुलिस से चर्चा की है कि वे आग लगने के कारणों का पता लगाए। कलेक्टर शेखर वर्मा ने भी आश्वासन दिया है कि पीडि़त परिवार को शासकीय योजना के तहत आवास उपलब्ध करवाया जाएगा। एसडीएम शारदा चौहान भी बड़ागुड़ा पहुंची और परिवार के दुख में शामिल हुई।

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