- अब गंजा हो चुका है दाऊद!
भारत का मोस्टवांटेड आतंकी कभी खुद ही वापस आना चाहता था. इसके लिए उसने बाकायदा कोशिश भी की थी. उसकी कठिन शर्तें तत्कालीन महाराष्ट्र सरकार को रास नहीं आई थी. वरिष्ठ पत्रकार शीला रावल ने अपनी नई किताब में यह खुलासा किया है. शीला रावल की किताब मुंबई में दाऊद इब्राहिम के अपराधिक साम्राज्य पर है, जिसे एक पत्रकार के रूप में उन्होंने करीब से देखा था.
“द गाडफादर आफ क्राइमः फेस टू फेस विद इंडियाज मोस्ट वांटेड” नामक किताब में शीला रावल ने छोटा शकील के टेलीफोन पर लिए गए साक्षात्कार का जिक्र किया है. जुलाई 2015 में लिए गए साक्षात्कार में छोटा शकील ने 1994 में ही दाऊद इब्राहिम के भारत लौटने की योजना के बारे में बताया था. बाद में वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी ने छोटा शकील के दावे को सही बताते हुए कहा था कि उस समय वह लंदन में दाऊद इब्राहिम से मिले थे.
शीला की जुबानी.. दाऊद की बेटी की शादी की कहानी
जब स्टेज पर वर वधू को शुभकामनाएं दी जा रही थीं मेरी नजरें उस जगमगाते हॉल का जायजा ले रही थीं. इसमें कुछ परिचित चेहरे और हाई सिक्योरिटी थी. तभी मेरी नजरें डॉन दाउद इब्राहिम पर पड़ीं. अपनी बेटी की शादी में वो एक संकुचित से स्थान पर बैठा हुआ था. बेटी की शादी में उसे आमने-सामने देखना मेरे जीवन का महत्वपूर्ण पल था. जब मैंने लगभग गंजे, स्थूलकाय आदमी को देखा, जिसकी लटकती हुई मोटी मूंछें थीं, तो उसे देखकर यह अंदाजा लगाना मुश्किल था कि यह दुनिया के सबसे खतरनाक लोगों में से एक है. लुकआउट नोटिस जारी होने के बावजूद, बेटी की शादी में उसकी मौजूदगी दुबई में उसकी पहुंच और प्रभाव का जीता-जागता उदाहरण थी.
जब स्टेज पर वर वधू को शुभकामनाएं दी जा रही थीं मेरी नजरें उस जगमगाते हॉल का जायजा ले रही थीं. इसमें कुछ परिचित चेहरे और हाई सिक्योरिटी थी. तभी मेरी नजरें डॉन दाउद इब्राहिम पर पड़ीं. अपनी बेटी की शादी में वो एक संकुचित से स्थान पर बैठा हुआ था. बेटी की शादी में उसे आमने-सामने देखना मेरे जीवन का महत्वपूर्ण पल था. जब मैंने लगभग गंजे, स्थूलकाय आदमी को देखा, जिसकी लटकती हुई मोटी मूंछें थीं, तो उसे देखकर यह अंदाजा लगाना मुश्किल था कि यह दुनिया के सबसे खतरनाक लोगों में से एक है. लुकआउट नोटिस जारी होने के बावजूद, बेटी की शादी में उसकी मौजूदगी दुबई में उसकी पहुंच और प्रभाव का जीता-जागता उदाहरण थी.
महिला पत्रकार और क्राइम की रिपोर्टिंग
एक महिला पत्रकार का माफिया से जुड़ी रिपोर्टिंग करना और इस दौरान उठाए गए तमाम जोखिमों के बारे में पढ़ना रोचक है. इस किताब को अंडरवर्ल्ड के बारे में जानने के इच्छुक लोग तो पढ़ ही सकते हैं, साथ ही यह उनके लिए भी रोचक साबित होगी जो जानना चाहते हैं कि कैसे कोई पत्रकार माफिया से जुड़ी सनसीखेज खबरें कर पाता है.
एक महिला पत्रकार का माफिया से जुड़ी रिपोर्टिंग करना और इस दौरान उठाए गए तमाम जोखिमों के बारे में पढ़ना रोचक है. इस किताब को अंडरवर्ल्ड के बारे में जानने के इच्छुक लोग तो पढ़ ही सकते हैं, साथ ही यह उनके लिए भी रोचक साबित होगी जो जानना चाहते हैं कि कैसे कोई पत्रकार माफिया से जुड़ी सनसीखेज खबरें कर पाता है.
छोटा शकील के बारे में खुलासा
शकील से मेरी 1994 से काफी बातें होती रही हैं. एक बार उसने गुस्से में फोन किया. उसने पूछा, ‘ये सईद अंसारी कौन है? उसका नंबर दें आप!’ मैंने शकील को शांत करने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं माना. ‘मुझे अंसारी को बताना है कि वह मेरे बारे में कैसे बोले? आपका सम्मानीय चैनल मेरे लिए कैसी भद्दी भाषा का इस्तेमाल करता है.’ मैंने उसे बताया कि अंसारी एंकर हैं और स्क्रिप्ट कोई और लिखता है. आप बताएं क्या समस्या है. उसने जवाब दिया, ‘गली का चोर, मवाली और शर्ट के बटन खुले… ये सब भाषा आपके चैनल को शोभा देती है?’ शकील ने कभी अंडरवर्ल्ड डॉन या ‘भाई’ कहे जाने पर आपत्ति नहीं ली, लेकिन उसे चोर या मवाली कहलाना पसंद नहीं था.
शकील से मेरी 1994 से काफी बातें होती रही हैं. एक बार उसने गुस्से में फोन किया. उसने पूछा, ‘ये सईद अंसारी कौन है? उसका नंबर दें आप!’ मैंने शकील को शांत करने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं माना. ‘मुझे अंसारी को बताना है कि वह मेरे बारे में कैसे बोले? आपका सम्मानीय चैनल मेरे लिए कैसी भद्दी भाषा का इस्तेमाल करता है.’ मैंने उसे बताया कि अंसारी एंकर हैं और स्क्रिप्ट कोई और लिखता है. आप बताएं क्या समस्या है. उसने जवाब दिया, ‘गली का चोर, मवाली और शर्ट के बटन खुले… ये सब भाषा आपके चैनल को शोभा देती है?’ शकील ने कभी अंडरवर्ल्ड डॉन या ‘भाई’ कहे जाने पर आपत्ति नहीं ली, लेकिन उसे चोर या मवाली कहलाना पसंद नहीं था.
गंजा है दाऊद
दाऊद की बेटी की शादी में उसे आमने-सामने देखना मेरे जीवन का महत्वपूर्ण पल था. जब मैंने लगभग गंजे, स्थूलकाय आदमी को देखा, जिसकी लटकती हुई मोटी मूंछें थीं, तो उसे देखकर यह अंदाजा लगाना मुश्किल था कि यह दुनिया के सबसे खतरनाक लोगों में से एक है. लुकआउट नोटिस जारी होने के बावजूद, बेटी की शादी में उसकी मौजूदगी दुबई में उसकी पहुंच और प्रभाव का जीता-जागता उदाहरण थी.
दाऊद की बेटी की शादी में उसे आमने-सामने देखना मेरे जीवन का महत्वपूर्ण पल था. जब मैंने लगभग गंजे, स्थूलकाय आदमी को देखा, जिसकी लटकती हुई मोटी मूंछें थीं, तो उसे देखकर यह अंदाजा लगाना मुश्किल था कि यह दुनिया के सबसे खतरनाक लोगों में से एक है. लुकआउट नोटिस जारी होने के बावजूद, बेटी की शादी में उसकी मौजूदगी दुबई में उसकी पहुंच और प्रभाव का जीता-जागता उदाहरण थी.



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