अधिवक्ताओं को नहीं है हड़ताल का अधिकार
ध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश अजय मानिकराव खानविलकर और न्यायाधीश के के त्रिवेदी की युगलपीठ ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित आदेश का हवाला देते हुए आज कहा कि अधिवक्ताओं को हड़ताल पर जाने का अधिकार नहीं है।
युगलपीठ ने इन्दौर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के उस आदेश को अवैध करार दिया है, जिसमें बार के हड़ताल के ऐलान का विरोध करने वाले अधिवक्ता की सदस्यता निलंबित कर दी गयी थी। इंदौर निवासी अधिवक्ता एके सेठी व उनके पुत्र राहुल एवं रिषभ सेठी के अलावा वनवारी लाल यादव की तरफ से दायर याचिका में कहा गया था कि याचिकाकर्ता बार के फैसले के खिलाफ जाकर अदालतों में हाजिर हुये थे। जिस पर इंदौर बार एसोसिएशन ने 12 मई 2015 को उनकी सदस्यता समाप्त करने का आदेश जारी कर दिया। इन आदेशों की वैधानिकता को चुनौती देकर ये याचिकाएं दायर की गईं थी।
युगलपीठ ने इन्दौर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के उस आदेश को अवैध करार दिया है, जिसमें बार के हड़ताल के ऐलान का विरोध करने वाले अधिवक्ता की सदस्यता निलंबित कर दी गयी थी। इंदौर निवासी अधिवक्ता एके सेठी व उनके पुत्र राहुल एवं रिषभ सेठी के अलावा वनवारी लाल यादव की तरफ से दायर याचिका में कहा गया था कि याचिकाकर्ता बार के फैसले के खिलाफ जाकर अदालतों में हाजिर हुये थे। जिस पर इंदौर बार एसोसिएशन ने 12 मई 2015 को उनकी सदस्यता समाप्त करने का आदेश जारी कर दिया। इन आदेशों की वैधानिकता को चुनौती देकर ये याचिकाएं दायर की गईं थी।
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