भाजपा विपक्ष को बहुमत के सहारे डराने की कोशिश न करें
संसद के सुचारु संचालन की जिम्मेदारी भाजपा परनई दिल्ली ! लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुनखड़गे ने कहा है कि संसद के शीतकालीन सत्र में उनकी पार्टी किसी तरह की "गैरजरूरी बाधा" नहीं चाहती।
खड़गे ने कहा कि उनकी पार्टी राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर शांतिपूर्ण तरीके से विचार-विमर्श चाहती है। उन्होंने कहा कि संसद को बिना किसी बाधा के चलाने की जिम्मेदारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की है।
आईएएनएस से टेलीफोन पर बातचीत में खड़गे ने कहा, "हम सहयोग के लिए (सदन को बिना बाधा चलाने के लिए) तैयार हैं, लेकिन इसकी जिम्मेदारी भाजपा पर है।"
संसद का शीतकालीन सत्र 26 नवंबर से शुरू हो रहा है और 23 दिसंबर तक चलेगा।
बिहार चुनाव के नतीजों के संसद की कार्रवाई पर पड़ने वाले असर के बारे में पूछे गए सवाल पर खड़गे ने कहा कि उनकी पार्टी सदन की कार्रवाई में बाधा नहीं चाहती। लेकिन, उन्होंने कहा कि भाजपा लोकसभा में विपक्ष को सिर्फ इसलिए नहीं डरा सकती कि उसके पास बहुमत है।
खड़गे ने कहा, "उन्हें इसे एक द्विपक्षीय प्रक्रिया का हिस्सा बनाना होगा। उन्हें किसी मुद्दे पर आगे बढ़ने से पहले विपक्षी दलों से सलाह करनी होगी।"
उन्होंने आरोप लगाया कि संसद के पिछले सत्र में विपक्ष को विश्वास में नहीं लेने की वजह से राज्यसभा की कार्रवाई में दिक्कत पैदा हुई थी।
खड़गे ने कहा कि कांग्रेस 25 या 26 नवंबर को बैठक कर अपनी रणनीति बनाएगी। उन्होंने कहा कि सत्र शुरू होने से पहले कांग्रेस सभी विपक्षी दलों से भी मुद्दों पर विचार करेगी।
उन्होंने कहा, "कार्रवाई में गैरजरूरी बाधा नहीं डाली जाएगी।" उन्होंने कहा कि महंगाई, दलितों पर अत्याचार और दादरी की घटना को उठाया जाएगा।
कांग्रेस नेता ने कहा कि "अगर कुछ गलत हुआ" तो इसके लिए सत्तारूढ़ पार्टी जिम्मेदार होगी। उन्हें 'लो' और 'दो' की नीति पर अमल करना होगा।
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