Thursday, January 7, 2016

असहिष्णुता पर वामदल एकजुट


नई दिल्ली !   छह वामदलों ने भारतीय जनता पार्टी तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आर एस एस) पर देश में साम्प्रदायिक नफरत फैलाने तथा बढ़ती असहिष्णुता का आरोप लगाते हुए इसके खिलाफ एक से छह दिसम्बर तक राष्ट्रीय अभियान चलाने का फैसला किया है। माकपा पार्टी की केंद्रीय समिति की तीन दिवसीय बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए पार्टी के महासचिव सीताराम येचुरी ने पत्रकारों से कहा कि भाजपा और संघ परिवार ने जिस तरह देश में साम्प्रदायिक उन्माद को फैलाकर ध्रुवीकरण करने की कोशिश की है
 और असहिष्णुता का जो माहौल बना है, उसके विरोध में जिन तरह बुद्धिजीवियों ने अपने पुरस्कार लौटाए हैं, उसे देखते हुए पार्टी ने एक दिसम्बर से राष्ट्रीय अभियान चलाने का फैसला किया है, जो बाबरी विध्वंस की बरसी तक चलेगा। येचुरी ने कहा कि मोदी सरकार आर्थिक नीतियों पर भी पूरी तरह विफल हो गयी है। उसने मंत्रिमंडल की अनुमति लिए गए बगैर इन क्षेत्रों में प्रत्यक्ष विदेश निवेश को लाने की घोषणा की है। यह घोषणा ऐसे समय में की है जब संसद का शीतकालीन सत्र अगले सप्ताह से शुरू होने वाला है। इस तरह मोदी सरकार ने मंत्रिमंडल और संसद दोनों की अवहेलना की है। दरअसल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपनी विदेश यात्रा शुरू होने से पहले विदेशी पूंजी निवेशकों को लुभाने के लिए यह घोषणा की।
साहित्यकारों का प्रतिरोध सम्मेलन 20 नवम्बर को
देश में साम्प्रदायिकता और असहनशीलता की बढ़ती घटनाओं के विरोध में अब तक 50 से अधिक लेखकों द्वारा पुरस्कार लौटाए जाने की घटनाओं को देखते हुए राजधानी में 20 नवम्बर को साहित्यकारों का प्रतिरोध सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है।

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