इंफाल के एतिहासिक महिला बाजार पर छाया है संकट का बादल
इंफाल के इमा मार्केट में पहुंचकर जिन्हें मेनलैंड भारतीय हैं उन्हें आश्चर्य हो सकता है. आश्चर्य इस बात का कि इस बाजार कि हर एक दुकानदार महिला है. शायद यह एतिहासिक बाजार दुनिया कि एकमात्र ऐसी बाजार है जहां कि हर एक व्यापारी महिला है. लेकिन फिलहाल इस बाजार पर संकट के बादल छाए हुए हैं. हाल ही में आए भूकंप के कारण इस बाजार को काफी क्षति पहुंची है.
मणिपुर की समाजिक कार्यकर्ता बीनालक्ष्मी ने ट्वीट किया है कि इस बाजार को मणिपुकर के टैमलोंग जिले में आए 6.7 की क्षमता वाले भूकंप से भारी क्षति पहुंची है. यह स्थान राजधानी इंफाल से 29 किमी दूर है. इस भूकंप के कारण 5 लोगों की मृत्यु जबकि 40 लोग घायल हो गए थे.
इमा बाजार का अर्थ होता है मां का बाजार. इसे ख्वैरमबंद बाजार या नुपी कीथल भी कहा जाता है. नुपी कीथल का अर्थ है महिलाओं का बाजार. इस बाजार में तकरीबन 4000 हजार महिला व्यापारी काम करती हैं. यहां खाने पीने के सामान से लेकर घरेलू जरूरत का सामान और हस्तशिल्प की वस्तुंए सबकुछ बिकता है.
पहले यहां दुकाने अस्थाई झोपड़ियों से चला करता था लेकिन इंफाल म्युनसिपल कॉरपोरेशन ने यहें चार कांक्रीट की सरंचनाए बनवा दिया है जिसमे की सारा बाजार स्थित है. सर्वप्रथम इस अनोखे बाजार का जिक्र 1786 में मिलता है. इस बाजार के संचालन का जिम्मा केवल महिलाओं पर होने का एक कारण यह बताया जाता है कि मणिपुर के सारे मर्द चीन और बर्मा की सेनाओं से युद्ध मे उलझे रहते थे इसलिए परिवार पालने की सारी जिम्मेवारी महिलाओं पर रहती थी. इस जरूरत ने ही महिलाओं के इस बाजार को जन्म दिया था.
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