Thursday, January 21, 2016

PAK यूनिवर्सिटी अटैक: 8 आई विटनेस ने बताया- हॉस्टल ही था आतंकियों के निशाने पर



पेशावर. पाकिस्तान के चरसद्दा की बाचा खान यूनिवर्सिटी में आतंकी हमले के बाद कैम्पस में अब भी दहशत का माहौल है। बॉयज हॉस्टल के कमरों से लेकर सीढ़ियों तक खून फैला है। मौके पर मौजूद रहे स्टूडेंट्स का कहना है कि यूनिवर्सिटी में एक दिन पहले ही एग्जाम्स खत्म हुए थे। इसलिए हमले के वक्त उनके कई लड़के सो रहे थे। तभी आतंकी उनके कमरों तक आ गए।
4. ''मंगलवार को पेपर खत्म हुए थे। पेपर चल रहे होते तो बहुत नुकसान होता। क्योंकि 4 से 5 हजार स्टूडेंट्स हॉस्टल में हर वक्त मौजूद होते हैं। मैं घर के लिए निकल रहा था, तभी फायरिंग की आवाज सुनाई दी। वे चार लोग थे। एक दहशतगर्द के पास बंदूक नहीं थी। जब फायरिंग शुरू की तो हम वहां से भाग निकले।'' - हॉस्टल में रहने वाला एमएससी का एक स्टूडेंट
5. ''दहशतगर्दों के निशाने पर हॉस्टल ही था। फायरिंग की आवाज सुनने के बाद मैंने हॉस्‍टल से निकलने की कोशिश की, लेकिन केमेस्‍ट्री के प्रोफेसर हामिद ने मुझे बाहर जाने से रोक दिया। प्रोफेसर ने अपने हाथ में पिस्‍टल पकड़ रखी थी। हमें रोकने के पहले वो फायर कर चुके थे। तभी हमने देखा कि एक गोली आकर उन्‍हें लगी। हमने देखा कि दो आतंकी गोलियां बरसा रहे हैं। मैं अंदर की ओर भागा। इसके बाद किसी तरह पिछली दीवार जंप कर भाग निकला। तब तक वे आतंकियों के सामने डटे रहे।'' - जियोलॉली स्टूडेंट जहूर अहमद (हमले में स्टूडेंट्स की जान बचाते हुए प्रोफेसर की जान चली गई। पढ़ें पूरी खबर)
- रॉयटर्स के मुताबिक, तहरीक-ए-तालिबान के गीदर ग्रुप ने ही इस हमले को अंजाम दिया है। मास्टरमाइंड ग्रुप का कमांडर उमर मंसूर है।
- मंसूर दिसंबर 2014 में पेशावर में आर्मी पब्लिक स्कूल पर हमले का मास्टरमाइंड था। इसमें 132 बच्चों की जान गई थी।
- वह टीटीपी के सरगना हकीमुल्ला मसूद का करीबी रहा है और पेशावर के पास दर्रा आदम खेल का रहने वाला है।
- 37 साल का मंसूर कभी वॉलीबॉल प्लेयर था। उसके दो बेटे और एक बेटी हैं। इसके बाद भी वह बच्चों को टारगेट करता है।

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