जन्मदिन पर मोदी का आना ‘भावुक क्षण’: नवाज
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने अपने जन्मदिन पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अप्रत्याशित यात्रा पर पहली बार टिप्पणी करते हुए आज कहा कि सिर्फ जन्मदिन की बधाई देने के लिए श्री मोदी का लाहौर आना उनके दिल को छू गया। श्री शरीफ ने साथ ही कहा कि श्री मोदी का यह व्यवहार दक्षिण एशियाई लोगों की परंपरा के अनुसार है।
श्रीलंका के एक संस्थान में ‘पाकिस्तान-श्रीलंका संबंध’ पर चर्चा करते हुए श्री शरीफ ने कहा “गत 25 दिसंबर को मेरे जन्मदिन के मौके पर बधाई देने के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी का लाहौर आने का निर्णय मेरे दिल को छू गया।”
श्री शरीफ की यह टिप्पणी एेसे समय में आयी है,जब श्री मोदी को लाहौर यात्रा के लिए चौतरफा आलोचनाओं से घिरना पड़ रहा है। उनकी इस यात्रा के बाद पंजाब में पठानकोट वायुसेना अड्डे पर हुए आतंकवादी हमले के कारण श्री मोदी की यह यात्रा बहस का मुद्दा बन गयी।
श्री शरीफ की यह टिप्पणी एेसे समय में आयी है,जब श्री मोदी को लाहौर यात्रा के लिए चौतरफा आलोचनाओं से घिरना पड़ रहा है। उनकी इस यात्रा के बाद पंजाब में पठानकोट वायुसेना अड्डे पर हुए आतंकवादी हमले के कारण श्री मोदी की यह यात्रा बहस का मुद्दा बन गयी।
भले ही श्री मोदी की लाहौर यात्रा की विपक्ष ने कड़ी आलोचना की है लेकिन वैश्विक नेताओं ने उनके इस कदम की भूरि -भूरि प्रशंसा की है।
श्री शरीफ ने कहा “मैंने अच्छी भावना से ही मई 2014 में हुए श्री मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हाेने के आमंत्रण को स्वीकार किया था। यह एक सौहार्द्रपूर्ण भेंट थी और इसके कारण द्विपक्षीय वार्ता दोबारा शुरू होने की संभावना नहीं थी। मैं फिर भी दक्षिण एशिया में शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के अपने लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध रहूंगा।”
श्री शरीफ ने कहा “मैंने अच्छी भावना से ही मई 2014 में हुए श्री मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हाेने के आमंत्रण को स्वीकार किया था। यह एक सौहार्द्रपूर्ण भेंट थी और इसके कारण द्विपक्षीय वार्ता दोबारा शुरू होने की संभावना नहीं थी। मैं फिर भी दक्षिण एशिया में शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के अपने लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध रहूंगा।”
उन्होंने कहा,“ श्री मोदी से पेरिस में हुई मेरी मुलाकात के कारण बाद में छह दिसंबर 2015 को बैंकॉक में दोनों देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार की बैठक हुई। इसके बाद भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज नौ दिसंबर को को हार्ट ऑफ एशिया सम्मेलन में हिस्सा लेने पाकिस्तान आयीं, जिससे दोनाें देशों के बीच की बातचीत का नया चरण शुरू हो पाया।” उन्होंने साथ ही घोषणा की कि अगले कुछ दिनों में इस्लामाबाद में विदेश सचिवों की बैठक होनी है।

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